ये कहानी एक भूतिया रेस्ट हाउस की है। दिल्ली का रहने वाला अनिकेत शर्मा, जो एक शौकिया फोटोग्राफर था, नए साल के मौक़े पर शिमला की वादियों में अकेले घूमने गया था। उसका मकसद था – बर्फबारी की खूबसूरत तस्वीरें खींचना और शांति से कुछ दिन बिताना।
शिमला पहुँचा तो उसे पता चला कि ज्यादातर होटल फुल हैं, और जो खाली हैं उनकी कीमतें आसमान छू रही हैं। तभी एक लोकल टैक्सी ड्राइवर ने उसे सुझाव दिया,
“साहब, एक पुराना रेस्ट हाउस है माशोबरा के जंगल में… थोड़ा सुनसान है, पर सस्ता है।”
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अनिकेत को लगा कि सुकून और सस्ता स्टे मिल रहा है – पर शायद उसे ये नहीं पता था कि वो सुकून की नहीं, सिसकियों की जगह है।

भूतिया रेस्ट हाउस का रहस्य
जब अनिकेत वहाँ पहुँचा, तो देखा कि रेस्ट हाउस बहुत पुराना था जैसे की भूतिया रेस्ट हाउस हो। दीवारों पर सीलन थी, खिड़कियाँ चरमराती थीं और पूरा माहौल कुछ अजीब सा लग रहा था।
केयरटेकर – एक बूढ़ा आदमी जिसका नाम भैरव था – उसे कमरा दिखाते हुए बोला,
“बस एक बात ध्यान रखना साहब – रात को 12 बजे के बाद कमरे से बाहर मत निकलना।”
अनिकेत ने हँसते हुए कहा, “क्यों? यहाँ भूत रहते हैं क्या?”
भैरव कुछ नहीं बोला, बस एक ठंडी साँस लेकर चला गया।
रात 12 बजे क्या हुआ?

रात को सब कुछ सामान्य लग रहा था। बाहर बर्फ गिर रही थी, और कमरे में हीटर की गरमाहट में अनिकेत सोने की कोशिश कर रहा था। तभी, 12 बजने के करीब, अचानक दरवाज़ा धीरे-धीरे चरमराता हुआ खुल गया।
उसने सोचा कोई हवा होगी। पर जैसे ही वह दरवाज़े के पास गया, उसने देखा –
सामने एक औरत खड़ी थी। सफ़ेद साड़ी में, भीगे बाल, और पीठ उसकी ओर थी।
उसने पूछा, “मैडम, आपको कुछ चाहिए?”
औरत ने कोई जवाब नहीं दिया।
फिर उसने जैसे ही मुड़ कर अनिकेत की ओर देखा –
उसकी आँखों में सफेदी नहीं थी… बस काली, गहरी, खाली जगह थी।
अनिकेत डर से कांप उठा। वो तेज़ी से कमरे के अंदर भागा, दरवाज़ा बंद किया और रातभर काँपता रहा।
सच्चाई क्या थी?

सुबह होते ही अनिकेत ने अपना सामान समेटा और निकलने की तैयारी की। जाते-जाते उसने भैरव से पूछा, “भैया, कल रात जो औरत थी, वो कौन थी?”
भैरव ने कहा:
“वो आत्मा है साहब… चालीस साल पहले इसी कमरे में एक औरत ने आत्महत्या कर ली थी। उसके पति ने उसे धोखा दिया था। तब से वो हर साल सर्दियों में लौटती है – उसी साड़ी में, उसी हालत में।”
भूतिया रेस्ट हाउस– क्या यह केवल कहानी है?
ऐसी कहानियों को हम अक्सर अफवाह समझ लेते हैं। लेकिन जब कोई अपनी आँखों से देख ले, तो वह महज़ किस्सा नहीं रहता… एक रहस्य बन जाता है।
अगर आप कभी शिमला जाएँ, और माशोबरा के जंगलों से गुज़रें, तो हो सकता है… आप भी किसी सफेद साड़ी वाली औरत को देखें।
क्या अपने कभी किसी भूतिया रेस्ट हाउस का अनुभव किया है?? जरूर कमेन्ट कर के बताएं।
क्या आप भानगढ़ की कहानी जानते हैं ??
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शिमला का भूतिया रेस्ट हाउस – एक सच्ची डरावनी कहानी

ये कहानी एक भूतिया रेस्ट हाउस की है। दिल्ली का रहने वाला अनिकेत शर्मा, जो एक शौकिया फोटोग्राफर था, नए साल के मौक़े पर शिमला की वादियों में अकेले घूमने गया था। उसका मकसद था – बर्फबारी की खूबसूरत तस्वीरें खींचना और शांति से कुछ दिन बिताना। शिमला पहुँचा तो उसे पता चला कि ज्यादातर…


